तीन चौथाई: तीन चौथाई काव्य संसार:
गजल
गरीबी और गरीबों पर चर्चा होती रहती है।
मगर मेरी मुफलिसी, तनिक भी कम नहीं होती...
तीन चौथाई
शनिवार, 1 मार्च 2014
शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2014
तीन चौथाई: तीन चौथाई कथा-कहानी
तीन चौथाई: तीन चौथाई कथा-कहानी:
अपने पैरों पर
‘नहीं भई! आगे भी हिन्दी से ही एमए करूंगी। दरअसल, तुम साइंस वालों को हिन्दी की शक्ति का एहसास नहीं है। हिन्दी ही एक ऐसा विषय है, जिसमें सौंदर्य, लावण्य, माधुर्य, उत्साह, क्रोध, घृणा, शक्ति, पराक्रम, साहस, शौर्य, भूत, वर्तमान और भविष्य की चिंता होती है। इस विषय में दो-दो चार तो हम सीखते ही हैं, साथ ही यह भी सीखते हैं कि दो और दो पांच तथा दो और दो तीन कब, क्यों और कैसे हो जाता है? हाहाहाहाहाहाहाहा....’ रमा ने हंसते हुए हेमंत की चुटकी ली...
अपने पैरों पर
‘नहीं भई! आगे भी हिन्दी से ही एमए करूंगी। दरअसल, तुम साइंस वालों को हिन्दी की शक्ति का एहसास नहीं है। हिन्दी ही एक ऐसा विषय है, जिसमें सौंदर्य, लावण्य, माधुर्य, उत्साह, क्रोध, घृणा, शक्ति, पराक्रम, साहस, शौर्य, भूत, वर्तमान और भविष्य की चिंता होती है। इस विषय में दो-दो चार तो हम सीखते ही हैं, साथ ही यह भी सीखते हैं कि दो और दो पांच तथा दो और दो तीन कब, क्यों और कैसे हो जाता है? हाहाहाहाहाहाहाहा....’ रमा ने हंसते हुए हेमंत की चुटकी ली...
मंगलवार, 26 नवंबर 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई कथा-कहानी
तीन चौथाई: तीन चौथाई कथा-कहानी: चवन्नी की बादशाहत
उम्र करीब 11 साल। नन्ही-नन्ही आंखें। पतला चेहरा और दुबला शरीर। रंग साफ। बाल बिखरे हुए। शरीर पर नीलदार सफेद गंजी (बनिया...
उम्र करीब 11 साल। नन्ही-नन्ही आंखें। पतला चेहरा और दुबला शरीर। रंग साफ। बाल बिखरे हुए। शरीर पर नीलदार सफेद गंजी (बनिया...
बुधवार, 25 सितंबर 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई देशकाल
तीन चौथाई: तीन चौथाई देशकाल: अच्छे लोगों की गन्दी बातें ये बात गंदी है, लेकिन करते सब अच्छे लोग ही हैं। मौत पर मातम तो आपने सुना ही होगा, अब मौत पर सियासत क...
बुधवार, 4 सितंबर 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई ज्ञान-विज्ञान
तीन चौथाई: तीन चौथाई ज्ञान-विज्ञान: रु पये को खा गया विदेशी निवेश ।। डॉ भरत झुनझुनवाला ।। (अर्थशास्त्री) देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सरकार को खपत कम औ...
बुधवार, 3 जुलाई 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई देशकाल
तीन चौथाई: तीन चौथाई देशकाल:
देश का दुर्भाग्य देखिए...
1. उत्तराखंड और खासकर उत्तरकाशी के बाशिंदे आज दाने-दाने को मोहताज हैं। घर-बार सब खोकर कैंपों में शरण ...
देश का दुर्भाग्य देखिए...
1. उत्तराखंड और खासकर उत्तरकाशी के बाशिंदे आज दाने-दाने को मोहताज हैं। घर-बार सब खोकर कैंपों में शरण ...
रविवार, 16 जून 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई व्यंग्य
तीन चौथाई: तीन चौथाई व्यंग्य: 17 वर्षों की बेमेल शादी फलसफा धमाकेदार तलाक
गुड़िया को दूल्हा तो पहले दिन से ही पसंद नहीं था, लेकिन उसकी ताकत को वह नजरअंदाज नह...
गुड़िया को दूल्हा तो पहले दिन से ही पसंद नहीं था, लेकिन उसकी ताकत को वह नजरअंदाज नह...
रविवार, 2 जून 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई काव्य संसार
तीन चौथाई: तीन चौथाई काव्य संसार:
जिस पापी को गुण नहीं; गोत्र प्यारा है,
समझो, उसने ही हमें यहाँ मारा है।
जो सत्य जान कर भी न सत्य कहता है,
या किसी लोभ के विवश मूक रहता है,
उस कुटिल राजतन्त्री कदर्य को धिक् है,
यह मूक सत्यहन्ता कम नहीं वधिक है।
चोरों के हैं जो हितू, ठगों के बल हैं,
जिनके प्रताप से पलते पाप सकल हैं,
जो छल-प्रपंच, सब को प्रश्रय देते हैं,
या चाटुकार जन से सेवा लेते हैं;
यह पाप उन्हीं का हमको मार गया है,
भारत अपने घर में ही हार गया है....
जिस पापी को गुण नहीं; गोत्र प्यारा है,
समझो, उसने ही हमें यहाँ मारा है।
जो सत्य जान कर भी न सत्य कहता है,
या किसी लोभ के विवश मूक रहता है,
उस कुटिल राजतन्त्री कदर्य को धिक् है,
यह मूक सत्यहन्ता कम नहीं वधिक है।
चोरों के हैं जो हितू, ठगों के बल हैं,
जिनके प्रताप से पलते पाप सकल हैं,
जो छल-प्रपंच, सब को प्रश्रय देते हैं,
या चाटुकार जन से सेवा लेते हैं;
यह पाप उन्हीं का हमको मार गया है,
भारत अपने घर में ही हार गया है....
तीन चौथाई: तीन चौथाई साहित्य संसार
तीन चौथाई: तीन चौथाई साहित्य संसार:
डॉ. नामवर सिंह ने शुरुआती दिनों में कई तरह का सृजनात्मक लेखन किया। बाद में वे आलोचना और वक्तृत्व के नए प्रतिमान बनाने में इतने व्यस्त हो गए कि यह पक्ष छूट गया। उनकी प्रारंभिक रचनाएं पिछले दिनों प्रकाशित हुई हैं। प्रस्तुत हैं उनमें से कहानी की कहानी और कुछ कविताएं
शनिवार, 11 मई 2013
तीन चौथाई: तीन चौथाई काव्य संसार
तीन चौथाई: तीन चौथाई काव्य संसार:
जमाने भर की नजरों से बचाया तुमने खुद के दम पर
सिखाया तूने ही हुनर जीने का जमाने में अनहद....
मेरी मां
यकीनन खून से कहीं ज्यादा मजाबूत रिश्ते हमारे हैं
जमाने भर की नजरों से बचाया तुमने खुद के दम पर
सही क्या है और गलत क्या, अब तक बताती हो।
सिखाया तूने ही हुनर जीने का जमाने में अनहद....
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