रविवार, 29 जुलाई 2012

तीन चौथाई: मैंगो पिपल

तीन चौथाई: मैंगो पिपल:   न आम आम रहा , न आम आम रहे- 2 नहीं...बिलकुल नहीं। घर पहुंचते ही पापा को दरवाजे पर पाता या फिर उन्हें सूचना हो जाती कि दोपहर में हम कहा...

गुरुवार, 19 जुलाई 2012

तीन चौथाई: मैंगो पिपल

तीन चौथाई: मैंगो पिपल: न आम आम रहा, न आम आम रहे  थोड़ी देर हो चुकी है। मौसम का मिजाज बदल चुका है। बाजार में भी कहीं-कहीं और पिछाती (पछेती) फसल दिखाई दे रही है।...

सोमवार, 16 जुलाई 2012

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: कांव-कांव बहुत दिनों से कोई अच्छी कवि मन खबर नहीं आई , सुना है कौवों को बीमारी खा रही है। मुंडेर पर कौवे ...

सोमवार, 16 अप्रैल 2012

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार:
शहरों का शहर 
मेहनतकशों का शहर। लोहे को लावा बनाने वालों का शहर। पठारों का शहर। जंगलों का शहर। झीलों का शहर। झरनों का शहर। कला का शहर।...

मंगलवार, 27 दिसंबर 2011

संसद

तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद




पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया


कवि मन


देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।

हंगामे में खोई ...

शनिवार, 24 दिसंबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: कवि मन


जंगल में लोकतंत्र



बधाई हो ! जंगल में लोकतंत्र आ गया



शेर को पदच्युत कर बंदर सत्ता पा गया।
...

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: सौदागर






कवि मन


सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं



खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।



गर...

मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष




कवि मन


कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,



धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।



जब...

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष




कवि मन


कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,



धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।



जब...