तीन चौथाई: काव्य संसार:
युद्ध
दिल और दिमाग के बीच
हमेशा
युद्ध चलता रहता है।
दिल पूछता है
इन अच्छे लोगों के साथ
कभी अच्छा क्यों ...
गुरुवार, 18 अक्टूबर 2012
बुधवार, 26 सितंबर 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी- 4
डैम, विस्थापन, पुनर्वास, दिकू, जल, जंगल, जमीन, सीआरपीएफ कैंप, रोजगार, माइंस, क्रशर, प्रदूषण, विकिरण...मुद्दे कई हैं। ग्रामीणों के लिए भी और उनके नुमाइंदों के लिए
भी। ग्रामीण इन मुद्दों का हल चाहते हैं और नुमाइंदे इन पर बल।
ऐसा नहीं कि ये मुद्दे स्थानीय हैं। बल्कि, हकीकत तो यह है कि ये मुद्दे स्थानीय होते हुए भी प्रदेश से लेकर दिल्ली
तक की रजानीति के द्वार खोलते हैं। आजादी के बाद इन मुद्दों ने कई लोगों को राज्य
से लेकर दिल्ली तक की गद्दी नसीब करा दी लेकिन, कुबेर के आशीर्वाद से इनमें रत्ती भर की कमी नहीं आई। आजादी से पहले भी
यहां मुद्दे यही थे और आज पैंसठ साल बाद भी यही हैं...
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी- 4
डैम, विस्थापन, पुनर्वास, दिकू, जल, जंगल, जमीन, सीआरपीएफ कैंप, रोजगार, माइंस, क्रशर, प्रदूषण, विकिरण...मुद्दे कई हैं। ग्रामीणों के लिए भी और उनके नुमाइंदों के लिए
भी। ग्रामीण इन मुद्दों का हल चाहते हैं और नुमाइंदे इन पर बल।
ऐसा नहीं कि ये मुद्दे स्थानीय हैं। बल्कि, हकीकत तो यह है कि ये मुद्दे स्थानीय होते हुए भी प्रदेश से लेकर दिल्ली
तक की रजानीति के द्वार खोलते हैं। आजादी के बाद इन मुद्दों ने कई लोगों को राज्य
से लेकर दिल्ली तक की गद्दी नसीब करा दी लेकिन, कुबेर के आशीर्वाद से इनमें रत्ती भर की कमी नहीं आई। आजादी से पहले भी
यहां मुद्दे यही थे और आज पैंसठ साल बाद भी यही हैं।
मंगलवार, 25 सितंबर 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी-3 गरीबों की जाति नहीं होती। गरीबी अपने आप में एक बड़ा धर्म है। आज कलियुग का दौर है। संस्कृत में एक प्रस...
शनिवार, 15 सितंबर 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी-2 आबुआ दिशोम, आबुआ राज। हर आदिवासी की जुबां पर यह नारा जिसका मतलब अपना राज्य और अपना राज होता है मिल जा...
शुक्रवार, 7 सितंबर 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी-1 झारखंड अपने आप में अजब है और यहां की राजनीति गजब। यहां के मेहनती लोगों की जीवटता सारंडा की उन सात सौ पहाड़िय...
गुरुवार, 30 अगस्त 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: मोदी का बयान और लिजलिजी राजनीति "मध्यमवर्गीयी परिवार की लड़कियां स्वास्थ्य से ज्यादा सुंदरता पर ध्यान देती हैं।" गुजरात के...
रविवार, 29 जुलाई 2012
तीन चौथाई: मैंगो पिपल
तीन चौथाई: मैंगो पिपल: न आम आम रहा , न आम आम रहे- 2 नहीं...बिलकुल नहीं। घर पहुंचते ही पापा को दरवाजे पर पाता या फिर उन्हें सूचना हो जाती कि दोपहर में हम कहा...
गुरुवार, 19 जुलाई 2012
तीन चौथाई: मैंगो पिपल
तीन चौथाई: मैंगो पिपल: न आम आम रहा, न आम आम रहे थोड़ी देर हो चुकी है। मौसम का मिजाज बदल चुका है। बाजार में भी कहीं-कहीं और पिछाती (पछेती) फसल दिखाई दे रही है।...
सोमवार, 16 जुलाई 2012
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: कांव-कांव बहुत दिनों से कोई अच्छी कवि मन खबर नहीं आई , सुना है कौवों को बीमारी खा रही है। मुंडेर पर कौवे ...
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