शुक्रवार, 7 सितंबर 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: अजब झारखंड की गजब कहानी-1 झारखंड अपने आप में अजब है और यहां की राजनीति गजब। यहां के मेहनती लोगों की जीवटता सारंडा की उन सात सौ पहाड़िय...
गुरुवार, 30 अगस्त 2012
तीन चौथाई: देशकाल
तीन चौथाई: देशकाल: मोदी का बयान और लिजलिजी राजनीति "मध्यमवर्गीयी परिवार की लड़कियां स्वास्थ्य से ज्यादा सुंदरता पर ध्यान देती हैं।" गुजरात के...
रविवार, 29 जुलाई 2012
तीन चौथाई: मैंगो पिपल
तीन चौथाई: मैंगो पिपल: न आम आम रहा , न आम आम रहे- 2 नहीं...बिलकुल नहीं। घर पहुंचते ही पापा को दरवाजे पर पाता या फिर उन्हें सूचना हो जाती कि दोपहर में हम कहा...
गुरुवार, 19 जुलाई 2012
तीन चौथाई: मैंगो पिपल
तीन चौथाई: मैंगो पिपल: न आम आम रहा, न आम आम रहे थोड़ी देर हो चुकी है। मौसम का मिजाज बदल चुका है। बाजार में भी कहीं-कहीं और पिछाती (पछेती) फसल दिखाई दे रही है।...
सोमवार, 16 जुलाई 2012
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: कांव-कांव बहुत दिनों से कोई अच्छी कवि मन खबर नहीं आई , सुना है कौवों को बीमारी खा रही है। मुंडेर पर कौवे ...
सोमवार, 16 अप्रैल 2012
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार:
शहरों का शहर
मेहनतकशों का शहर। लोहे को लावा बनाने वालों का शहर। पठारों का शहर। जंगलों का शहर। झीलों का शहर। झरनों का शहर। कला का शहर।...
शहरों का शहर
मेहनतकशों का शहर। लोहे को लावा बनाने वालों का शहर। पठारों का शहर। जंगलों का शहर। झीलों का शहर। झरनों का शहर। कला का शहर।...
मंगलवार, 27 दिसंबर 2011
संसद
तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
कवि मन
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
कवि मन
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
शनिवार, 24 दिसंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: कवि मन
जंगल में लोकतंत्र
बधाई हो ! जंगल में लोकतंत्र आ गया
शेर को पदच्युत कर बंदर सत्ता पा गया।
...
जंगल में लोकतंत्र
बधाई हो ! जंगल में लोकतंत्र आ गया
शेर को पदच्युत कर बंदर सत्ता पा गया।
...
शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: सौदागर
कवि मन
सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं
खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।
गर...
कवि मन
सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं
खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।
गर...
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