तीन चौथाई: काव्य संसार:
शहरों का शहर
मेहनतकशों का शहर। लोहे को लावा बनाने वालों का शहर। पठारों का शहर। जंगलों का शहर। झीलों का शहर। झरनों का शहर। कला का शहर।...
सोमवार, 16 अप्रैल 2012
मंगलवार, 27 दिसंबर 2011
संसद
तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: संसद
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
कवि मन
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
पहले ही दिन ददुआ संसद में शर्मा गया
कवि मन
देखी जो हाल शरीफों की, काफी घबरा गया।
हंगामे में खोई ...
शनिवार, 24 दिसंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: कवि मन
जंगल में लोकतंत्र
बधाई हो ! जंगल में लोकतंत्र आ गया
शेर को पदच्युत कर बंदर सत्ता पा गया।
...
जंगल में लोकतंत्र
बधाई हो ! जंगल में लोकतंत्र आ गया
शेर को पदच्युत कर बंदर सत्ता पा गया।
...
शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: सौदागर
कवि मन
सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं
खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।
गर...
कवि मन
सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं
खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।
गर...
मंगलवार, 13 दिसंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष
कवि मन
कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,
धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।
जब...
कवि मन
कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,
धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।
जब...
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष
कवि मन
कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,
धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।
जब...
कवि मन
कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,
धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।
जब...
मंगलवार, 22 नवंबर 2011
तीन चौथाई: अपनों की दुनिया
तीन चौथाई: अपनों की दुनिया: पत्थर हो गया
साहिल था अब आंसुओं का समंदर हो गया ,
ए. दुष्यंत युवा कवि व पत्रकार।
इस पत्थर के शहर में मैं भी पत्थर ह...
साहिल था अब आंसुओं का समंदर हो गया ,
ए. दुष्यंत युवा कवि व पत्रकार।
इस पत्थर के शहर में मैं भी पत्थर ह...
बुधवार, 16 नवंबर 2011
तीन चौथाई: काव्य संसार
तीन चौथाई: काव्य संसार: फेंटो
फेंटो और फेंटो
खूब फेंटो
एक-एक पत्ते फेंट डालो
कवि मन
विश्वास नहीं है तुम पर
...
फेंटो और फेंटो
खूब फेंटो
एक-एक पत्ते फेंट डालो
कवि मन
विश्वास नहीं है तुम पर
...
मंगलवार, 1 नवंबर 2011
तीन चौथाई: चित्र संसार
तीन चौथाई: चित्र संसार: ये तस्वीरें दिल्ली के लालकिला स्थित संग्रहालय से ली गई हैं। कुछ तस्वीरें आगरा की भी हैं।
बात उन दिनों की है जब हम मेरठ ...
बात उन दिनों की है जब हम मेरठ ...
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