शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: सौदागर






कवि मन


सियासी बाजार में सौदागर आने लगे हैं



खुली आंखों सपने दिखाने लगे हैं।



गर...

मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष




कवि मन


कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,



धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।



जब...

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: पांच वर्ष




कवि मन


कलुआ अब बड़े काम का हो गया है ,



धतूरा मत कहो उसे ,
बादाम हो गया है।



जब...

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

तीन चौथाई: अपनों की दुनिया

तीन चौथाई: अपनों की दुनिया: पत्थर हो गया


साहिल था अब आंसुओं का समंदर हो गया ,



ए. दुष्यंत युवा कवि व पत्रकार।

 इस पत्थर के शहर में मैं भी पत्थर ह...

बुधवार, 16 नवंबर 2011

मंगलवार, 1 नवंबर 2011

तीन चौथाई: चित्र संसार

तीन चौथाई: चित्र संसार: ये तस्वीरें दिल्ली के लालकिला स्थित संग्रहालय से ली गई हैं। कुछ तस्वीरें आगरा की भी हैं।

बात उन दिनों की है जब हम मेरठ ...

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: रिश्ते

कवि मन
रिश्तों के बाजार में बिकते थे कुछ महंगे और कुछ सस्ते रिश्ते और साथ में बिकतीं थीं कुछ योग्यताएं और सौदा क...

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

तीन चौथाई: काव्य संसार

तीन चौथाई: काव्य संसार: कवि मन
भूल अकेलेपन की ऊब से पैदा होती हैं कुछ बातें। कुछ दरकते रिश्तों के बचाने की तो कुछ नए रिश्ते बनाने की। नये ...